भारत पर Trump की Tariff नीति नाकाम, राजनयिक बोले- असर बेअसर

By: टीम ।। आर्यावर्त लाइव

On: Monday, September 8, 2025 9:09 AM

भारत पर Trump की टैरिफ नीति नाकाम, राजनयिक बोले- असर बेअसर
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पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा कि Trump की Tariff नीति भारत पर असर नहीं डाल सकी। अमेरिका-भारत व्यापार टकराव जारी, मोदी-ट्रंप के रिश्तों पर दिखा दोनों नेताओं का संतुलित रुख।

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक खींचतान जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में भारत के प्रति अपने रुख में नरमी दिखाई। यह बदलाव उस वक्त आया जब उन्होंने भारत पर भारी Tariff लगा दिए थे।

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पूर्व भारतीय राजनयिक केपी फैबियन ने कहा कि Trump की रणनीति पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने रविवार को ANI  से बातचीत में कहा कि Tariff का असर उम्मीद के अनुसार नहीं हो सका। नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया। इस तरह कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया।

फैबियन ने कहा कि Trump को अब यह समझ आ गया है कि भारत दबाव में झुकने वाला नहीं है। भारत आत्मनिर्भर है और किसी की शर्तें मानने के बजाय अपने हित में फैसले लेता है। उन्होंने कहा कि भारत सबके साथ दोस्ती चाहता है, व्यापार करना चाहता है, लेकिन किसी का हुक्म मानने को तैयार नहीं है।

Trump ने हाल ही में भारत-अमेरिका संबंधों को “बेहद खास रिश्ता” बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी व्यक्तिगत नज़दीकी का भी जिक्र किया। जवाब में मोदी ने कहा कि भारत-अमेरिका सहयोग मजबूत और व्यापक है।

हालांकि फैबियन ने चेतावनी दी कि टकराव का समाधान जल्द नहीं होगा। उनका कहना है कि ट्रंप के “टैरिफ से जुड़े दावे” आगे भी चलते रहेंगे।

पिछले हफ्ते Trump ने व्हाइट हाउस में कहा था कि वह और मोदी हमेशा दोस्त रहेंगे। लेकिन उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों पर नाराज़गी भी जताई। उसी समय उन्होंने फिर दोहराया कि भारत के साथ तालमेल बनाने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाया। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी ने कहा कि वह Trump की बातों की सराहना करते हैं और समर्थन करते हैं।

फिलहाल Tariff अब भी 50 प्रतिशत पर है। दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता नहीं हो पा रही है। इसकी बड़ी वजह भारतीय कृषि और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों को पूरी छूट न देना है।

इससे पहले पूर्व राजनयिक जावेद अशरफ ने भी बयान दिया था। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी वैश्विक शक्ति समूह का हिस्सा बनने के बजाय स्वतंत्र नीति अपनाने में सक्षम है। भारत एक मज़बूत देश है और अपने फैसले खुद ले सकता है।

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