बीते दिनों खदान क्षेत्र से हुए इंजन चोरी के बाद भी क्षेत्र के कबाड़ियों की बल्ले बल्ले

सोनभद्र। बीते दिनों एनसीएल बीना परियोजना के वर्कशॉप से रातों रात विदेशी ड़पर का इंजन चोरी के मामले ने पूरे एनसीएल परियोजना समेत उनके सुरक्षा एजेंसियां समेत स्थानीय प्रशासन में हड़कप मचा दिया था। घटना की सूचना शक्तिनगर पुलिस समेत एनसीएल बीना परियोजना को मिलते ही इंजन को बरामद करने में जुट हुए ऐसे में पुलिस द्वारा इंजन बरामद करते हुए दो एनसीएल कर्मी की संलिप्तता मौके से पाई गई थी जिसपर पुलिस ने कार्यवाही किया था। लेकिन इस हाई प्रोफाइल इंजन चोरी के मामले में पुलिस की विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगा कि और कितने लोगों की भूमिका रही है। सूत्रों की माने तो कबाड़ में बरामद हुआ विदेशी इंजन करोड़ो रुपए से ऊपर होने के साथ ही भारी भरकम भी बताया जा रहा है। लेकिन सवाल यह भी है कि एनसीएल परियोजना के आसपास दो दर्जनों से ज्यादा कबाड़ दुकानें मौजूद है जो न सिर्फ महीने में कबाड़ को एकत्र किया जाता है बल्कि तकरीबन रोजाना कई हजार टन कबाड़ कानपुर के लिए भेजा जाता है ऐसे में कबाड़ियों के पास आसपास मौजूद घरों का कबाड़ नहीं होता बल्कि एनसीएल परियोजनाओं से चोरी हुए लोहे के बेशकीमती कई प्रकार के सामान होते है। ऐसे में कबाड़ियों की भी भूमिका संदिग्ध होते नजर आ रही है






















