सोनभद्र। कोल इंडिया समेत अन्य कई संस्थाओं द्वारा चार नए लेबर कानून को वापस लेने की मांग को लेकर आज संयुक्त मोर्चा द्वारा एनसीएल में एक दिवसीय हड़ताल जारी है प्रदर्शनकारी कोयला मजूदरों द्वारा बताया गया कि जो मजदूरों के लिए चार नए कानून लागू किए जा रहे है वो मज़दूर समेत देश विरोधी कानून है जो लागू होने के बाद एक बड़ा नुकसान होगा। अगर भारत सरकार चार नए लेबर कोर्ट वापस नहीं लिए गए तो आगे चलकर एक वृहद आंदोलन किया जाएगा।
अरविंद शाह सीटिया सीटू एनसीएल द्वारा बताया गया कि जो चार नए लेबर कोड बनाए गए हैं जिसमें बहुत सारी कमियां है उन कमियों को दूर करने के लिए और इसमें लेबर कोर्ट को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रपति हड़ताल किया जा रहा है बनाए गए चार लेबर कोर्ट में कार्य सीमा 8 घंटे से 12 घंटे किया जा सकता है जबकि कम करना चाहिए ताकि जो बेरोजगारी है बेरोजगारी दूर हो सके। जो श्रमिकों के हित में नहीं है दूसरा लेबर कोर्ट में जो हम अपने अधिकारों के लिए जो लड़ाई करते हैं जो हमारे श्रमिक संगठन है और नए लेबर कोर्ट लागू होने से जो हमारे श्रमिक संगठनों की ताकत है वह कमजोर होगी। इंडिया में जो जेबीसीसीआई का अस्तित्व है वह खतरे में पड़ जाएगा इसलिए वापस करने के लिए हम सब एक भी इस हड़ताल कर रहे हैं 80% हड़ताल सफल हुआ है।






















