सोनभद्र। सोनभद्र जिले के म्योरपुर विधानसभा अंतर्गत कुल डोमरी में विकास को लेकर पीएमजेवाई से करोड़ों की लागत से बनाई जा रही सड़क में घोर लापरवाही एवं घटिया सामग्री से की जा रही सड़क के निर्माण से ग्रामीणों में आक्रोश है बता दे कि म्योरपुर विधानसभा के कुलडोमरी जो कई गांव के बराबर उस गांव में विकास के लिए खर्च किया जाता है। जहां पर भाट, दुरुल क्षेत्र होने के कारण अधिकारियों की टीम भी जांच करने में कतराती है जिसके कारण सरकार द्वारा आवंटित किया जाने वाला धन की बड़े लेबल पर बंदरबाट कर ली जाती है जिसके बाद ग्रामीणों को अपनी गांव की बदहाली और समस्या पर रोने के अलावा कोई चारा नहीं है। बता दें कि कुल डोमरी में ग्रामीणों ने विकास नहीं होने के कारण चुनवा का बहिष्कार भी किया गया है जिसको लेकर कई चुनाव के दौरान अधिकारियों द्वारा समझा बुझाकर मतदान कराया गया था। जिसके बावजूद भी कुलडोमरी में विकास नहीं हुआ। और इस बार फिर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रामीण सड़क योजना के तहत कुलडोमरी में सड़क पुलिया के निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया सामग्री का प्रयोग कर निर्माण कार्य को पूरा करने में ठेकेदार जुट गए है।
मजे की बात तो तब हो गई कि बरसात से कुछ ही दिन पूर्व से सड़क निर्माण कार्य पूरा करने में ठेकेदार लगे हुए जिससे जांच में सड़क खराब होने का कारण बरसात को बताया जा सके। इस मामले में भाजपा नेता सरजू बैसवार से बात करने पर बताया गया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा समूचे उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहाना ही मुख्य उद्देश्य है लेकिन सरकारी कुर्सी पर बैठे भ्रष्ट्र अधिकारी और लापरव ठेकेदार अपनी मनमानी कर सरकार की इस मंशा को पूरा होने नहीं दे रहे है। जिसको लेकर सरजू बैसवार ने आइजीआरएस के माध्यम से पूरे मामले की शिकायत कर जांच की मांग की गई है।

बताते चले कि 2020 से 0221 तक में सड़क पुलिया का निर्माण कार्य पूरा किया जाना था। जिसके बाद अनुरक्षण का कार्य 2023 से 2028 तक किया जाना है ऐसे में लापरवाही का आलम यह है कि लोकल मलबा, बालू की जगह गिट्टी की चूर्ण के साथ रखा का प्रयोग कर कार्य को पूरा किया जा रहा है। अब देखना होगा कि आखिरकार समाचार का संज्ञान लेकर कबतक अधिकारी जांच करते है और क्या कार्यवाही करते है









