अनपरा। ऊर्जांचल में आरटीओ की हनक बिल्कुल खत्म होते दिखाई दे रही है फिर चाहे ओवरलोड कोयला, बालू, राख का धड़ल्ले से परिवहन हो इन दिनों अनपरा के हिंडालको बिछड़ी से ओवरलोड तकरीबन 70 टन राख को लेकर मिर्चाढूंढ़ी गांव में प्रधान मंत्री ग्रामीण विकास योजना से ग्रामीणों के लिए बनी सड़क से मिर्चाढूंढ़ी रेलवे स्टेशन के पास उसी सड़क से ढुलाई की जा रही है जिससे तकरीबन 6 माह में ही सड़क की धज्जियां उड़ गई। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

बता दें कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत मिर्चाढूंढ़ी में ग्रामीणों के आवागमन के लिए बनाई गई सड़क से बीते तकरीबन 6 माह से ओवरलोड राख का परिवहन जोरो पर किया जा रहा है जिसके कारण ग्रामणों के लिए बनाई गई सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है जिसके कारण अब ग्रामीणों को आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि बीते कुछ दिनों पूर्व ग्रामीणों ने अपनी सड़क को बचाने को लेकर ओवरलोड राख के परिवहन पर आपत्ति जताई थी जिन्हें अनपरा थाने बुलवाकर डराया धमका गया और उन्हें चुप करा दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि हम ग्रामीण विकास से दूर रहकर शुद्ध वातावरण में रहकर खेती किसानी करते हुए अपने बाल बच्चों का पेट पालते है लेकिन बीते 6 माह से ओवरलोड राख परिवहन के कारण अब जीना दुभर हो चुका है जिसके कारण अब हम ग्रामीणों की सड़के ध्वस्त हो चुकी है और गांव की शुद्व वातावरण अब दूषित हो चुकी है जिसके कारण काफी परेशानी हो रही हैं।

गांव में छोटे छोटे बच्चे घरों के बाहर निकलकर खेलते थे जो अब दुर्घटना से बचने को लेकर घरों में ही रहने को मजबूर है। बता दे कि राख परिवहन ठेकेदार का नाम ग्रामीणों ने पंकज मिश्रा बताया जिसका मुंशी उन्हें चुप रहने को कहता है और अपने आप को बड़ा ठेकदार बताते हुए पुलिस की धमकी भी देता है ऐसे में ग्रामीण अब डरकर कुछ भी न कर पाने को मजबूर है।








