शक्तिनगर से लेकर अनपरा तक की शराब दुकानों के व्यापारियों की लगातार चांदी बनी हुई है ऐसे में होली दीपावली जैसे त्योहारों पर और भी ज्यादा मुनाफा कमाने को लेकर पहले से ही पूरी तैयारी को लेकर शराब में पानी जैसे तरल पदार्थों की मिलावटी कर धड़ल्ले से बिक्री कर मोटी कमाई करते है।

अगर इस बात की शिकायत शराब व्यापारी या फिर सेल्स मैन से की गई तो वह ग्राहक को नशे की हालत में होना बताकर उसे भगा दिया जाता है। और फिर शराब व्यापारी और सेल्स मैन को मोटी कमाई होती है। बता दे कि सिंगरौली बार्डर के आसपास जितनी भी अंग्रेजी और देशी शराब की दुकानें है वहां मिलावटी का खेल जोरो पर चलता है। बता दे मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से ज्यादा दर पर शराब मिलती है जिसको लेकर ज्यादा तर लोग बार्डर पार कर सोनभद्र में स्थित शराब की दुकानों से शराब लेकर जाते है पर उन्हें बाद में पता चलता है कि यह शराब पूरी तरह मिलावटी है और उनका पैसा नुकसान हो गया है। और वही दूसरी तरफ लॉटरी में बार्डर की दुकानों की कमाई के कारण महंगी दुकानें होती है जिसका फायदा मिलावटी शराब बेचकर वह व्यापारी मोटी रकम कमाता है। ऐसे में होली से पूर्व ही मिलावटी शराब बेचने को लेकर पहले से ही तैयारी बना लिया जाता है ताकि मोटी रकम कमाई जा सके। इस पूरे मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

























