पटना हाईकोर्ट ने कांग्रेस को पीएम मोदी और उनकी मां हीराबा पर बने एआई वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया। मामले में अदालत ने सख्त रुख दिखाया।
पटना हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को कांग्रेस को बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबा से जुड़े एआई वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने को कहा है। यह आदेश मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश पीबी बजंतरी ने दिया।
क्या था वीडियो?
बिहार कांग्रेस ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक एआई वीडियो साझा किया था। इसमें दिखाया गया कि पीएम मोदी के सपने में उनकी मां आती हैं। वीडियो में हीराबा पीएम मोदी की राजनीति की आलोचना करती नजर आती हैं। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला। बीजेपी ने इसे शर्मनाक करार दिया।
कांग्रेस की सफाई
वीडियो पर विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने सफाई दी थी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि इसमें कोई अपमान नहीं है। उन्होंने कहा कि मां का बेटे को सही रास्ता दिखाना अपमान नहीं माना जा सकता।
जेडीयू का पलटवार
पटना हाईकोर्ट के आदेश पर जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला संविधान और न्यायपालिका की ताकत दिखाता है। किसी की मां-बाप पर टिप्पणी करना कानूनन अपराध है। नीरज कुमार ने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक दुर्दशा उसकी ईर्ष्या का नतीजा है।
हाल की विवादित घटनाएं
यह विवाद तब और बढ़ गया जब हाल ही में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा में पीएम मोदी की मां को गाली देने का मामला सामने आया। दरभंगा की रैली में कांग्रेस-राजद के मंच से अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ। इस रैली में तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।
इस घटना पर पूरे देश में बवाल हुआ। खुद पीएम मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। फिर भी उन्हें कांग्रेस-राजद की रैलियों में गालियां दी जा रही हैं। पीएम मोदी ने इसे बेहद दुखद और दर्दनाक बताया।


























