दुद्धी (सोनभद्र) क्षेत्र के मझौली गांव निवासी राजकुमारी (40 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय हरिकिशुन पनिका की गुरुवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है, कि आयुष्मान कार्ड सक्रिय न होने और आर्थिक तंगी के कारण समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका, जिसके चलते महिला ने दम तोड़ दिया। 
परिजनों के अनुसार करीब पांच दिन पूर्व राजकुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। रात में उन्हें गांव के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर वाराणसी के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में उन्हें पूर्वांचल के अन्य अस्पताल में भी दिखाया गया।
परिजनों ने बताया कि वाराणसी में दो दिन तक उपचार के बावजूद महिला की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इस दौरान आयुष्मान भारत योजना का कार्ड सक्रिय न होने के कारण उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका। निजी अस्पतालों में बढ़ते इलाज के खर्च और आर्थिक संसाधनों की कमी के चलते परिजन महिला को वापस घर ले आए।
गुरुवार शाम करीब चार बजे महिला की हालत फिर से बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी लेकर पहुंचे। यहां मौजूद चिकित्सक डॉ. मनोहर सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन अभी एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि शाम करीब पांच बजे महिला ने अस्पताल परिसर में ही अंतिम सांस ले ली।
इस दुखद घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतका अपने पीछे दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गई हैं, जो अभी अविवाहित हैं। उल्लेखनीय है कि करीब एक वर्ष पूर्व उनके पति हरिकिशुन पनिका की भी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। माता-पिता दोनों का साया उठ जाने से तीनों बच्चों के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता एवं बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।


























