शक्तिनगर सिंगरौली : एनसीएल (NCL) की निगाही परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था की नाक के नीचे चल रहे डीजल चोरी के काले खेल और उसमें सुरक्षा अधिकारियों की कथित संलिप्तता का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निगाही परियोजना क्षेत्र से ‘शुक्ला पार्टी’ के गुर्गों को भारी मात्रा में चोरी के डीजल के साथ रंगे हाथों दबोचा गया, लेकिन इस पूरे मामले को दबाने और रफा-दफा करने के लिए सुरक्षा विभाग के ही जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरा जोर लगा दिया।इस पूरे घटनाक्रम ने एनसीएल प्रबंधन की सुरक्षा और पारदर्शिता पर कई तीखे और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।चोरी का माल जब्त, पर मामले पर डाला गया पर्दा
घटनाक्रम के अनुसार, नवानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली निगाही परियोजना में सुरक्षाकर्मियों ने डीजल चोरी करते हुए शुक्ला पार्टी के एक व्यक्ति को दबोचा था। मौके से 35-35 लीटर की कुल 11 जरकिन (लगभग 385 लीटर अवैध डीजल) बरामद की गई।हैरानी की बात यह है कि इस बड़ी कामयाबी के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, सिक्योरिटी इंस्पेक्टर आशीष श्रीवास्तव ने पकड़े गए डीजल से भरे 11 जरकिनों को निगाही कैंप में गुपचुप तरीके से रखवा दिया।
अधिकारियों को क्यों रखा गया अंधेरे में
इस पूरे मामले में सिक्योरिटी इंस्पेक्टर आशीष श्रीवास्तव की भूमिका सबसे बड़े संदेह के घेरे में है। कड़े शब्दों में सवाल उठता है किःआखिर सुरक्षा अधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने इस इतनी बड़ी
डीजल चोरी का आधिकारिक खुलासा क्यों नहीं किया
एनसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटना की भनक तक क्यों नहीं लगने दी गई और जानकारी को क्यों छुपाया गया क्या सूत्रों का यह दावा सच है कि निगाही परियोजना में डीजल का यह काला खेल सुरक्षा अधिकारियों की शह और मिलीभगत से ही फल-फूल रहा है देर रात छूटा आरोपी, वाहन को किया गया चकनाचूर मामले में संदेहास्पद कृत्य यहीं खत्म नहीं हुए। बताया जा रहा है कि सुरक्षाकर्मियों ने मौके से पकड़े गए डीजल चोर (शुक्ला पार्टी) के एक मोटरसाइकिल वाहन को कानूनन पुलिस को सौंपने के बजाय खुद ही मार-पीटकर पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया। कानून को अपने हाथ में लेने की यह कोशिश साफ इशारा करती है कि दाल में कुछ काला है।
सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी खड़ा होता है। सूत्रों के मुताबिक, नवानगर पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए एक आरोपी व्यक्ति को हिरासत में तो लिया, लेकिन देर रात करीब 12:00 बजे उसे बिना किसी सख्त कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
गंभीर सवाल जो जवाब मांगते हैं:
एनसीएल की संपत्ति पर डाका डालने वाले इन डीजल चोरों और उन्हें संरक्षण देने वाले सुरक्षा अधिकारियों पर उच्च स्तरीय जांच कब होगी क्या चंद रुपयों की खातिर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले ऐसे भ्रष्ट तंत्र पर एनसीएल के उच्च अधिकारी और पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करेंगे, या फिर यह ‘डीजल का खेल’ इसी तरह पर्दे के पीछे बदस्तूर जारी रहेगा


























