दुद्धी में आदिवासियों का फूटा गुस्सा: पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और मारपीट का गंभीर आरोप

By: टीम ।। आर्यावर्त लाइव

On: Thursday, September 3, 2026 1:39 AM

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दुद्धी में आदिवासियों का फूटा गुस्सा: पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और मारपीट का गंभीर आरोप


सोनभद्र के अमवार चौकी पुलिस के खिलाफ आदिवासियों ने क्षेत्राधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र

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जमीन विवाद के समझौते के बहाने बुलाकर दुर्व्यवहार करने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

 

दुद्धी (सोनभद्र)सोनभद्र जनपद के दुद्धी थाना क्षेत्र अंतर्गत अमवार चौकी पुलिस पर आदिवासी समाज की गरीब महिलाओं और पुरुषों के साथ बर्बरता, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना से आक्रोशित पीड़ित आदिवासी समाज के दर्जनों ग्रामीणों ने बुधवार को क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती पत्र सौंपा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

क्षेत्राधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, मामला 2 सितंबर 2026 का है। ग्राम बघाडू निवासी प्रार्थी बाबूलाल गोंड (पुत्र स्वर्गीय देवलाल गोंड) ने बताया कि अमवार चौकी प्रशासन द्वारा उन्हें और उनके साथ के अन्य आदिवासी ग्रामीणों को एक जमीन विवाद के शांतिपूर्ण समझौते के लिए चौकी पर फोन करके बुलाया गया था।पीड़ितों का आरोप है कि जब वे चौकी पर पहुंचे, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से उनके साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए उनके साथ मारपीट की कि “तुम्हारी इतनी औकात हो गई कि तुम साले भीड़ लेकर हमारे चौकी पर आ गए।”

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस का मूल कार्य आम नागरिकों की सुरक्षा करना और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करना है। इसके विपरीत, रक्षक बनी पुलिस के इस अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार से पूरा आदिवासी समुदाय अत्यंत भयभीत है। इस घटना से उनके आत्मसम्मान और मानवाधिकारों को गहरी ठेस पहुंची है।निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की हैं। वहीं क्षेत्राधिकारी विनय प्रभाकर साहनी ने पीड़ितों की समस्या को सुनकर आश्वासन दिया कि उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कराई जाएगी और जो मामला आईजीआरएस में दिया गया है उसके निस्तारण हेतु प्रभारी निरीक्षक दुद्धी को निर्देशित किया,

इस मौके पर रामसूरत, रामरतन, सुशीला देवी, निशा, मानती देवी, राधेश्याम, इन्द्रावती, रजनी, सत्यवन्ती देवी, पार्वत, अमर सिंह, रामजीत और निशा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने अंगूठा व हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया।

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