एनसीएल खदान में दूसरी बार हुई बड़ी लापवाही के कारण व्यक्ति की मौत, सुरक्षा समेत कई अधिकारियों की लापरवाही
शक्तिनगर। शक्तिनगर थाना अंतर्गत एनसीएल खड़िया परियोजना के खदान में आज एक बड़ी लापरवाही के कारण दर्दनाक तरीके से 20 वर्षीय कैम्पर चालक की मौत से खदान क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है जानकारी के अनुसार आज शाम तकरीबन 5 बजे एनसीएल खड़िया परियोजना के खदान में आगे जा रही कैम्पर के ऊपर तेज रफ्तार आ रही पीछे से होलपैक ( कोयला पहुंचाने वाली खदान की सबसे बड़ा वाहन) कैम्पर के ऊपर चढ़ गया जिसमें कैम्पर के चालक दीपक कुमार पुत्र रघुनाथ उम्र तकरीबन 20 वर्ष निवासी परसवार राज थाना शक्तिनगर की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जानकारी एनसीएल सुरक्षाकर्मियों समेत संबंधित अधिकारयों और कर्मचारियों को होते ही हड़कंप मच गया जिसके बाद सूत्रों की माने को मामले को छुपाने के को लेकर लगातार प्रयास जारी रहा ऐसे में अधिकारियों की मिलीभगत से शव को माइंस क्षेत्र से बाहर निकाल कर एनसीएल खड़िया परियोजना के अस्पताल में लाकर पुलिस को फोन किया गया।
जिसके बाद पुलिस ने शव को एनटीपीसी संजीवनी अस्पताल आई और मोर्चरी में रख कर परिजनों को सूचित किया। परिजन संजीवनी अस्पताल पहुंचे और परिसर में रोने बिलखने की आवाजें गूंजने लगी। जिसके बाद गुस्साए परिजन एनसीएल खड़िया परियोजना के खदान मार्ग पर जाकर धरने पर बैठ गए घंटों बाद अधिकारियों द्वारा हर बार की तरह अपनी लापरवाही छुपाने को लेकर पांच लोगों से बात कराने को लेकर सीजीएम ऑफिस ले गए।

बता दे इस घटना में एनसीएल खड़िया परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही खुल कर सामने आ रही है जब इस मामले में कैम्पर के मालिक से बात की गई तो उसने साफ बताया कि उसकी कैपर बैरियर पर खड़ी होनी चाहिए थी उसने किसी चालक को चलाने के लिए नहीं दिया था। वही दूसरी तरफ उसी कैपर के चालक अखलेश से बात करने पर बताया कि वह भी कैंपर चलता था और उसे रोजाना 400 रुपए मिलता था उसका कोई पास नहीं बना है बिना पास के ही कैंपर को लेकर माइंस में जाता था। इसके पूर्व एनसीएल दुद्धीचुआ परियोजना के माइंस में इसी प्रकार से हादसा हुआ है जिसके बाद भी परियोजना ने नहीं चेता है और अब ये दूसरी घटना के बाद पूरी तरह से लीपापोती करने में जुट चुके है।


























