सोनभद्र: जिला पंचायत ने ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन की शिकायत को बताया निराधार, कोयला वाहनों से परिवहन शुल्क वसूली को नियमसम्मत ठहराया
सोनभद्र। झारखंड से आने वाले कोयला वाहनों से परिवहन शुल्क वसूली को लेकर उठे विवाद में जिला पंचायत ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। संबंधित परिवहन शुल्क वसूली ठेकेदार के लिखित स्पष्टीकरण और शासन की अधिसूचित उपविधियों के परीक्षण के बाद जिला पंचायत ने उर्जांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन की शिकायत को निराधार बताते हुए कहा है कि शुल्क की वसूली पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है।
अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार चौधरी द्वारा एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में बताया गया कि 24 जुलाई को प्राप्त शिकायत के आधार पर संबंधित ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा गया था। ठेकेदार ने अपने जवाब में कहा कि झारखंड की कोयला खदानों से कृष्णशिला रेलवे साइडिंग तक रेल मार्ग से पहुंचने के बाद कोयले का परिवहन ओबड़ी-शक्तिनगर राज्य मार्ग, एनएच-39 की अधिसूचित भूमि तथा अन्य अधिसूचित मार्गों से होकर हिंडालको की रेणुसागर परियोजना तक किया जाता है। ऐसे में परिवहन शुल्क की वसूली वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप है।
पत्र में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अधिसूचित जिला पंचायत सोनभद्र उपविधि-2023 का हवाला देते हुए कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले खनिजों के परिवहन तथा व्यवसायिक उपयोग में आने वाले वाहनों से परिवहन शुल्क वसूले जाने का स्पष्ट प्रावधान है। इसी के तहत संबंधित ठेकेदार को शुल्क वसूली का अधिकार प्रदान किया गया है।
अपर मुख्य अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ठेकेदार के स्पष्टीकरण और लागू उपविधियों के परीक्षण के बाद एसोसिएशन की शिकायत में लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए। इसलिए शिकायत को निराधार मानते हुए परिवहन शुल्क वसूली की कार्रवाई पूर्ववत जारी रखने की बात कही गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले उर्जांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि कोयला लदे वाहनों से नियमों के विपरीत परिवहन शुल्क वसूला जा रहा है। हालांकि, जिला पंचायत ने अब शासन की अधिसूचित उपविधियों और ठेकेदार के स्पष्टीकरण के आधार पर इस वसूली को पूरी तरह नियमसम्मत बताया है।
सोनभद्र: जिला पंचायत ने ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन की शिकायत को बताया निराधार, कोयला वाहनों से परिवहन शुल्क वसूली को नियमसम्मत ठहराया
On: Saturday, August 1, 2026 4:26 AM


























