हिंदी छात्र परिषद का गठन, छात्र-प्रतिभाओं को मिला नेतृत्व का मंच

By: टीम ।। आर्यावर्त लाइव

On: Thursday, September 3, 2026 8:48 AM

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हिंदी छात्र परिषद का गठन, छात्र-प्रतिभाओं को मिला नेतृत्व का मंच

 

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दुद्धी, सोनभद्र। भाऊ राव देवरस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुद्धी में हिंदी विभाग के तत्वावधान में हिंदी छात्र परिषद का गठन उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमारी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अध्ययन, अनुशासन, रचनात्मकता और नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल ज्ञान के अर्जक नहीं, बल्कि समाज की भावी दिशा निर्धारित करने वाले हैं। आवश्यकता है कि उनकी ऊर्जा को सृजनात्मक दिशा प्रदान की जाए।

इस अवसर पर हिंदी विभाग के छात्र-छात्राओं में से योग्य विद्यार्थियों का चयन कर हिंदी छात्र परिषद के विभिन्न पदों पर सर्वसम्मति से मनोनयन किया गया। शिवम कुमार (एमए तृतीय सेमेस्टर) को अध्यक्ष, प्रियंका यादव (एमए तृतीय सेमेस्टर) को उपाध्यक्ष, लवकुश कुमार (एमए प्रथम सेमेस्टर) को सचिव, सिजनी (एमए प्रथम सेमेस्टर) को उपसचिव तथा मौजम्म (बीए पंचम सेमेस्टर), उमिला (बीए पंचम सेमेस्टर), मोहित कुमार (बीए तृतीय सेमेस्टर) एवं निशा जायसवाल (बीए तृतीय सेमेस्टर) को छात्र-छात्रा प्रतिनिधि का दायित्व सौंपा गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक श्री राजेश भारती ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ दायित्व को निष्ठा और अनुशासन के साथ निभाना है। उन्होंने परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों की साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं को विकसित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

महाविद्यालय के मुख्य शास्ता डॉ. अजय कुमार ने कहा कि साहित्य विद्यार्थी को संवेदना देता है और संवेदना ही उसे श्रेष्ठ मनुष्य बनने की दिशा प्रदान करती है। डॉ. विवेकानंद ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अवसर की प्रतीक्षा करने के बजाय अपनी प्रतिभा से अवसर का निर्माण करना ही युवा शक्ति की पहचान है। वहीं डॉ. राजेश यादव ने कहा कि अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विद्यार्थी के व्यक्तित्व को ऊंचाई प्रदान करती है।

डॉ. प्रीति जायसवाल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य मनुष्य को केवल बोलना ही नहीं, बल्कि दूसरों को समझना भी सिखाता है। कार्यक्रम की निदेशिका एवं संचालक डॉ. मालती देवी ने हिंदी परिषद के गठन की आवश्यकता एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिषद विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा को मंच प्रदान करने के साथ उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता के विकास का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कनौजिया, जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश गौतम, वनस्पति विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन विश्वकर्मा सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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