(सोनभद्र शक्तिनगर) बुधवार की शाम आए भीषण चक्रवाती तूफान और तेज आंधी ने शक्तिनगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। कुदरत के इस कहर के साथ औद्योगिक क्षेत्र से उड़कर आई कोयले की बारीक राख और कालिख ने पूरे इलाके को काली चादर में लपेट दिया। तेज हवाओं के कारण कुछ ही मिनटों में घरों के आंगन, छत, बिस्तर और खाने-पीने की वस्तुओं पर राख की मोटी परत जम गई। गृहणियों को देर रात तक सफाई में जुटना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर दृश्यता लगभग शून्य के करीब पहुंच गई। दिन के समय ही रात जैसा अंधेरा छा गया। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक रास्ते में रुकने को मजबूर हो गए। कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। इस मामले में कोटा सब स्टेशन के जेई विकास दुबे ने बताया कि तेज तूफान की चपेट में आकर लगभग आधा दर्जन विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं एक ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई तथा कई जगह बिजली के तार टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
करीब दो से तीन घंटे तक चले इस भीषण तूफान के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सके, लेकिन क्षेत्र में फैली राख और धूल ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना ने क्षेत्र में धूल और राख नियंत्रण व्यवस्था की पोल खोल दी है। लोगों ने बताया कि हवा में उड़ रहे कोयले के महीन कण आंखों में चुभ रहे थे और सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही थी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की राख और कोयले की धूल फेफड़ों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
आंधी संग बरसी कोयले की काली बारिश राख-धूल से ढका पूरा शक्तिनगर
On: Thursday, May 14, 2026 2:58 PM


























