बढ़ी न्यूनतम मजदूरी का हर हाल में हो भुगतान
ठेका मजदूर यूनियन ने सीजीएम अनपरा को दिया पत्रक
अनपरा। 4 मई 2026, प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम मजदूरी में की गई वृद्धि का मई माह के वेतन में भुगतान करने और श्रम कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराने के संदर्भ में आज ठेका मजदूर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक, अनपरा कार्यालय में पत्रक दिया और कार्मिक अधिकारी आकांक्षा राव से श्रमिक अधिकारों पर वार्ता भी की। पत्रक की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए एमडी उत्पादन निगम, डीएम और डीएलसी पिपरी को भी भेजी गई। प्रतिनिधिमंडल में यूनियन जिला मंत्री तेजधारी गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य मसीदुल्लाह अंसारी और विनोद यादव रहे।
पत्रक में कहा गया कि 17 अप्रैल को न्यूनतम वेतन में वृद्धि करने की अधिसूचना प्रदेश सरकार ने जारी की है, जो 1 अप्रैल से लागू की गई है। इस अधिसूचना के अनुसार सोनभद्र में अकुशल श्रमिकों को 12356 रुपए, अर्धकुशल श्रमिकों को 13590 रुपए और कुशल श्रमिकों को 15224 रुपए मासिक वेतन का भुगतान मई माह में किया जाना है। बताया गया कि 1 मई को लखनऊ में आयोजित “श्रम सम्मान समारोह” में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि हर हाल में इस न्यूनतम मजदूरी का भुगतान मालिकों और प्रबंधन को करना है। मुख्यमंत्री जी ने तो यहां तक कहा कि जो लोग न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं करेंगे उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
इस पृष्ठभूमि में पत्रक में अनपरा तापीय परियोजना में जारी विधि के विरुद्ध कार्रवाई की दुखद स्थिति को लाते हुए बताया गया कि अभी भी बहुत सारे संविदाकार सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं करते हैं। महिला मजदूरों को मनरेगा मजदूरी की दर से भी बेहद कम मात्र ₹200 में काम दिया जाता है। महिला मजदूर समेत सिविल कार्य में लगे मजदूरों का गेट पास तक न बनाकर उनसे गैंग गेट पास के माध्यम से कार्य कराया जाता है। पूरी जिंदगी एक ही स्थान पर विधि के विरुद्ध स्थाई प्रकृति के कामों में ठेका मजदूरों से काम कराया जाता है और हद यह है कि 60 साल पर उनके रिटायर होने के बाद उन्हें ग्रेच्युटी तक का भुगतान नहीं किया जाता। परियोजना में कारखाना अधिनियम और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए मजदूरों को सुरक्षा उपकरण नहीं मिल रहे हैं, जिससे आए दिन मजदूर दुर्घटना में घायल व मृत होते रहते हैं। मजदूरों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए भारत सरकार के आदेश के बावजूद ईएसआई की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। श्रम कानून का खुलेआम उल्लंघन परियोजना में आम बात है।
ऐसी स्थिति में मांग की गई कि प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में की गई वृद्धि के अनुरूप मई माह के वेतन में न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाए, सीएम की घोषणा का सम्मान करते हुए परियोजना में न्यूनतम मजदूरी का कड़ाई से भुगतान सुनिश्चित हो और न्यूनतम मजदूरी न देने वाले संविदाकारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए और ईएसआई की सुविधा हर मजदूर को दी जाए, अनपरा औद्योगिक क्षेत्र में ईएसआई अस्पताल खोला जाए और 60 साल पर रिटायर होने वाले ठेका मजदूरों को ग्रेच्युटी दी जाए और हर मजदूर को रोजगार कार्ड, हाजिरी कार्ड, वेतन पर्ची व बोनस मिलना सुनिश्चित जाए।


























