मिनीरत्न NCL खड़िया में सुरक्षा के नाम पर महा-घोटाला, रक्षक ही बने भक्षक; खुद सरकारी सुरक्षाकर्मी लोकेशन और टाइमिंग लीक कर करवा रहा था डीजल चोरी, बड़े आकाओं और सफेदपोशों पर उठने लगी उंगलियां
सोनभद्र। बीते दिनों केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की खड़िया परियोजना में सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के परखच्चे उड़ाते हुए शक्तिनगर पुलिस ने एक ऐसे बड़े डीजल-सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जिसने पूरे कोयलांचल क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है; पुलिस द्वारा 250 लीटर चोरी के डीजल के साथ दबोचे गए आरोपी ने कड़ी पूछताछ में सीधे तौर पर **एनसीएल खड़िया के सुरक्षा गार्ड लाहौरी यादव** का नाम उजागर करते हुए सनसनीखेज कबूलनामा किया है कि माइंस के भीतर हैवी डोजर मशीनों से डीजल उड़ाने का यह पूरा काला खेल खुद सुरक्षा गार्ड के इशारे पर चल रहा था, जो बकायदा फोन करके चोरों को अंदर बुलाता था और सुरक्षाबलों के आवागमन की सटीक ‘लोकेशन’ व टाइमिंग लीक कर इस महा-चोरी को अंजाम दिलवा रहा था। इस शर्मनाक खुलासे ने पूर्व में एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में हुए करोड़ों रुपये के विदेशी डंपर का इंजन चोरी कांड की यादें ताजा कर दी हैं।
जहां उच्च अधिकारियों ने जांच के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर फाइलें दबा दी थीं और अब क्षेत्र में यह आशंका और आक्रोश चरम पर है कि इस बार भी सुरक्षा गार्ड लाहौरी यादव को मोहरा बनाकर पर्दे के पीछे बैठे असली ‘आकाओं’ और सफेदपोश अधिकारियों को बचाने के लिए विभागीय मेहरबानी का खेल शुरू हो चुका है, ताकि कानून का शिकंजा उनकी गर्दन तक न पहुंच सके; ऐसे में अब हर किसी की निगाहें शक्तिनगर पुलिस पर टिकी हैं कि क्या वह बिना किसी दबाव के इस भ्रष्ट तंत्र के शीर्ष तक पहुंचकर इस महा-घोटाले का पूरी तरह पर्दाफाश करेगी या फिर हर बार की तरह बड़ी मछलियों को अभयदान मिल जाएगा।

























