विंढमगंज वन क्षेत्र में बालू का अवैध खनन जारी
विभागीय मिलीभगत से कोरगी पतरिहा डुमरा के रास्ते दर्जनों ट्रैक्टर से अबैध खनन जोरो पर
विंढमगंज/सोनभद्र।स्थानीय थाना एवं वन क्षेत्र के अंतर्गत कनहर,मलिया नदी में इन दिनों रात में अबैध खनन का खेल चल रहा है। जिनके कंधों पर अवैध धंधे रोकने की जिम्मेदारी है वह कथित हिस्सेदारी लेकर मौन हैं।
सूत्रों की मानें तो खननकर्ता दिन भर बालू के ग्राहकों की तलाश में विंढमगंज क्षेत्र के झारखंड से सटे आसपास के गांवों में घूमते रहते हैं और ऑर्डर लेकर रात को तय रणनीति के तहत मौन स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के नदियों से अवैध खनन का खेल शुरू हो जाता है। अर्धरात्रि के बाद से शुरू होकर खनन का खेल बेखौफ सुबह सात बजे तक चलता रहता है।
पर्यावरण प्रेमियों व बुद्धजीवी ग्रामीणों की मानें तो जहाँ पूरे प्रदेश में खनन बन्द कर दिया गया हैं लेकिन विंढमगंज क्षेत्र में अबैध खनन रुकने का नाम नही ले रहा हैं विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के मिलीभगत से मलिया नदी तथा कनहर नदी से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर खनन में लिप्त बताए जा रहे हैं।कोरगी पतरिहा से होते हुए महुली पहुंच कर अपने गंतव्य को पहुँचते है।
ग्रामीणों की मानें तो जिम्मेदारों या अधिकारियों की आने की सूचना अवैध खननकर्ताओ तक पहले पहुँच जाती हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस प्रजनन काल मे भी आस पास के नदियों में चल रहे अवैध खनन की गोपनीय जाँच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाई की मांग की है ।ताकि नदियों का अस्तित्व बचा रहे। इस सम्बंध में डीएफओ रेनुकूट से संपर्क करने की कोशिश किया गया लेकिन फोन नही लगने के कारण सम्पर्क नही हो सका।


























