अनपरा । अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज में 35 टन सरिया (कीमती लॉट) से लदे ट्रक को रास्ते से गायब कर ठिकाने लगाने और बेचने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस घटना ने ट्रांसपोर्ट जगत में हड़कंप मचा दिया है, वहीं पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर स्थित ‘भारत स्टीम भैया स्थान रोड मंदिर पारा’ फर्म में मैनेजर के रूप में कार्यरत अंकित जायसवाल (पुत्र रामानन्द जायसवाल, निवासी- 4/229 जिन्दल रोड जगतपुर, थाना सिटी कोतवाली रायगढ़, छत्तीसगढ़) ने थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर 2026 को वेद रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से वाहन संख्या CG04QX-6645 पर लगभग 35 टन सरिया लादकर ‘कृष्णा स्टील, मऊआइमा, प्रयागराज’ के लिए भेजा गया था।
जब निर्धारित समयावधि के भीतर सरिया गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचा, तो वादी ने वाहन चालक रियाज उद्दीन से संपर्क किया। चालक ने पहले गाड़ी खराब होने का बहाना बनाया और लगातार टालमटोल करता रहा, जिसके कुछ समय बाद उसने अपना फोन भी बंद कर लिया। इसके बाद जब ट्रांसपोर्टर आदेश द्विवेदी और वाहन स्वामी सद्दाम से संपर्क किया गया, तो उनके द्वारा भी लगातार ही टाल-मटोल किया जाने लगा और अंततः उनके भी फोन बंद हो गए।
करीब 10 दिन बीत जाने के बाद जब पीड़ित ने अपने स्तर पर पता लगाया, तो सनसनीखेज खुलासा हुआ कि चालक रियाज उद्दीन, सद्दाम और राजा बाबू जायसवाल ने मिलकर साजिश रची और उक्त माल को अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज ले जाकर कहीं बेच दिया।
इतनी बड़ी मात्रा में (35 टन) कीमती माल से लदे वाहन के इस तरह गायब होने और खुलेआम एक स्थानीय बाजार (डिबुलगंज) में ठिकाने लगाए जाने की घटना ने स्थानीय पुलिस की सक्रियता और चौकियों की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर भारी-भरकम वाहनों की आवाजाही और इस तरह के अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों में पुलिस की खुफिया तंत्र और चेकिंग व्यवस्था इतनी ढीली क्यों है? क्या अनपरा क्षेत्र ऐसे अपराधियों के लिए सेफ जोन बनता जा रहा है? फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कितनी गंभीर है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।







