एनटीपीसी सिंगरौली में श्री दुर्गा पूजा महोत्सव-2026 का शुभारंभ दिनांक 16 अक्टूबर को शक्तिनगर स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में श्रद्धा, भक्ति एवं पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर एनटीपीसी सिंगरौली के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री ई. प्रभाकर राव तथा वनिता समाज की अध्यक्षा श्रीमती ई. निर्मला राव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
दिनांक 16 से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस छह दिवसीय महोत्सव का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर श्री ई. प्रभाकर राव ने कहा, “दुर्गा पूजा जैसे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं के संरक्षण तथा समाज में एकता, सद्भाव और पारस्परिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एनटीपीसी सिंगरौली सदैव उत्कृष्ट विद्युत उत्पादन के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। ऐसे आयोजन कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा स्थानीय समुदाय को एक साझा मंच पर लाकर सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक एकात्मता को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।”
महोत्सव के प्रथम दिवस पर विधि-विधानपूर्वक महाषष्ठी पूजा संपन्न हुई, जिसके उपरांत संध्याकालीन आरती ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर आयोजित ‘शक्ति उत्सव’ में एनटीपीसी सिंगरौली के कर्मचारियों की अंतर्निहित प्रतिभा एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का आकर्षक प्रदर्शन हुआ, जिसने समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर सुनील कुमार मिश्रा, महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी), सिद्धार्थ मंडल, विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन), वनिता समाज की वरिष्ठ सदस्याओं तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
महोत्सव के आगामी दिवसों में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 17 अक्टूबर को ‘सुर संध्या’ (भजन संध्या), 18 अक्टूबर को ‘महिषासुर मर्दिनी’ पर आधारित नृत्य-नाटिका, 19 अक्टूबर को डांडिया महोत्सव तथा 20 अक्टूबर को रामलीला एवं रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव का समापन 21 अक्टूबर को पारंपरिक सिंदूर खेला एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा।
एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा आयोजित यह वार्षिक महोत्सव भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक सौहार्द की अभिवृद्धि तथा समुदाय के विभिन्न वर्गों के मध्य पारस्परिक सहयोग एवं एकात्मता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।







