शक्तिनगर / वैढन
धरती के ‘भगवान’ कहे जाने वाले डॉक्टरों की कथित लापरवाही ने एक बार फिर एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। शक्तिनगर के प्रसिद्ध व्यवसायी ‘मुन्ना चाट भंडार’ के घर में उस वक्त कोहराम मच गया, जब महज 11 माह के मासूम गणेश केशरी की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों के भारी हंगामे और आक्रोश के बाद वैढन थाना पुलिस ने आरोपी हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सुजीत केशरी का 11 महीने का बेटा गणेश केशरी घर पर खेलते समय उंगली में चोट लगा बैठा। घबराए परिजन मासूम को तुरंत पास के संजीवनी अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक मरहम-पट्टी के बाद उन्हें किसी विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी गई। परिजन बच्चे को लेकर NTPC से रिटायर्ड और वर्तमान में वैढन स्थित मिश्रा पॉलीक्लिनिक में अपनी सेवा दे रहे चर्चित हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. सिंह के पास पहुँचे।
परिजनों का आरोप है कि पॉलीक्लिनिक में डॉक्टर ने बच्चे की उंगली का ऑपरेशन तो कर दिया, लेकिन इसके बाद मरीज की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। परिजनों के अनुसार, अस्पताल की नर्सों ने 11 माह के दूधमुँहे बच्चे को लगभग 8 घंटे तक कुछ भी खाने-पीने नहीं दिया। इसके बाद बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगते ही मासूम की हालत बिगड़ने लगी और कुछ ही घंटों में उसने दम तोड़ दिया मासूम की साँसें थमते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। परिजनों के रोने-बिलखने की आवाजें सुनकर आरोपी डॉक्टर और स्टाफ कथित तौर पर मौके से खिसक गए।
मासूम की मौत की खबर फैलते ही वैढन स्थित पॉलीक्लिनिक में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वैढन थाना पुलिस मौके पर पहुँची। आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही और सिर्फ मोटी रकम ऐंठने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। घंटों की मशक्कत और पुलिस अधिकारियों द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। यह घटना केवल एक परिवार का चिराग बुझने की खबर नहीं है, बल्कि निजी प्रैक्टिस के नाम पर चल रहे उस खेल पर भी करारा तमाचा है जहाँ मरीजों की जान से ज्यादा तवज्जो ‘फीस’ को दी जाती है। NTPC से रिटायर होने के बाद अपना होमियो सेंटर और प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों की जवाबदेही पर अब जनता गंभीर सवाल उठा रही है।































