सोनभद्र (शक्तिनगर) उत्तर प्रदेश के खजाने को मालामाल करने वाला सोनभद्र जिला आज खुद बुनियादी बदहाली के आंसुओं रो रहा है। क्षेत्र की जीवनरेखा कहा जाने वाला अनपरा-शक्तिनगर मुख्य मार्ग अब सड़क कम और मौत का खतरनाक गड्ढा ज्यादा नजर आ रहा है। झमाझम बारिश के बीच सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों और विपक्ष के तथाकथित ‘जनहितैषी’ नेताओं की खामोशियां यह चीख-चीख कर कह रही हैं कि उन्हें जनता की सांसों से ज्यादा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने की चिंता है। जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं, तब-तब यही नेता बड़े-बड़े वादों के पुल बांधते नजर आते हैं, लेकिन आज जब जनता सड़क पर जान हथेली पर रखकर चलने को मजबूर है, तब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के नेता अपनी एसी गाड़ियों में बैठकर गायब हैं। न तो सत्ता पक्ष के विधायकों-सांसदों को इस खस्ताहाल मार्ग की सुध है और न ही विपक्ष के नेताओं को जनता का यह दर्द दिखाई दे रहा है। ऐसा लगता है कि जनप्रतिनिधियों ने मान लिया है कि वोट लेने के बाद जनता सिर्फ उपेक्षा और हादसों की हकदार है। सड़क पर तैरता कीचड़ और घरों में घुसता गंदा पानी इन नेताओं के दावों के मुंह पर एक करारा तमाचा है।
आज हुई मूसलाधार बारिश के दौरान मुख्य मार्ग के इन अथाह गड्ढों और जलभराव के बीच एक राहगीर अपनी बाइक समेत सीधे नाले में जा गिरा। यह तो गनीमत रही कि वक्त रहते पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और राहत-बचाव कर जान बचा ली गई, वरना किसी की अर्थी उठने में देर नहीं लगती। नालियों का गंदा पानी और मलबे का सैलाब सीधे लोगों के घरों के भीतर तांडव मचा रहा है, लेकिन क्षेत्र के तथाकथित कर्णधारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। यह विडंबना नहीं तो और क्या है कि जिस क्षेत्र में एनटीपीसी सिंगरौली और जैसी देश की एनसीएल महारत्न कंपनियां मौजूद हैं, जो हजारों करोड़ का कारोबार करती हैं और जहां से यूपी सरकार को भारी-भरकम राजस्व मिलता है, वहीं के आम नागरिक दो जून की सुरक्षित आवाजाही के लिए मोहताज हैं।
क्या जनप्रतिनिधियों की आंखों का पानी पूरी तरह मर चुका है? सत्ता और विपक्ष की यह चुप्पी इस बात की गवाही दे रही है कि उन्हें सिर्फ कुर्सियों से प्यार है, जनता की जान से नहीं। अगर अब भी इन नेताओं की नींद नहीं टूटी, तो जनता सड़क पर उतरकर इनका हिसाब करने को मजबूर होगी!
अनपरा-शक्तिनगर मार्ग बना नरक, नेताओं की चुप्पी पर फूटा जनरोष
On: Tuesday, August 18, 2026 1:10 PM







