डाला (सोनभद्र) – चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा स्थित एक स्क्रैप व्यवसाई का नया हथकंडा, मुनाफे कमाने के लिए बच्चों को बनाया हथियार,बच्चों से बेधड़क बिना रोक-टोक के स्क्रैप की खरीद फरोख्त के नेटवर्क से जोड़ कर कारोबार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पढ़ने की उम्र में कबाड़ी बिनने व बेचने के लिए स्क्रैप के दुकान पर भटकते आ नजर आ रहे हैं बच्चे।
जानकारी मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़ाव स्थित एक सरकारी योजना से बने आवास में किराए पर संचालित एक स्क्रैप की दुकान पर नाबालिक बच्चों को हाथ में स्क्रैप लिए आते जाते देखा गया । जहां ककहरा सीखने की उम्र में बच्चे कबाड़ बिनते या बेचते के काम में लग जा रहे है इसके पीछे स्क्रैप व्यवसाई का रैकेट काम कर रहा है जो बच्चों को कुछ रुपए पैसे और खाने पीने का लालच देकर इस व्यवसाय में बच्चों को कबाड़ बिनने व उनसे खरीद फरोख्त कर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इस्तमाल कर रहे हैं।
इन ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे पैसों के लालच में आकर पढ़ाई की जगह कबाड़ बिनते व बेचने के कार्य में तेजी से जुड़ रहे हैं जब बुधवार की शाम तेलगुड़वा स्थित एक स्क्रैप दुकान के पास बच्चों को स्क्रैप लिए हुए देखा गया लौटने पर पूछा गया तो बच्चों ने इसकी सच्चाई बताई ।
बच्चे तो बच्चे ही होते हैं जो कम पैसा पाकर भी खुश हो जाते हैं उन्हें क्या पता कि इनका भविष्य अंधकार में जा रहा है कारोबारी इनका इस्तेमाल कर ज्यादा मुनाफा कमा रहा है जो पढ़ाई की जगह लोहा प्लास्टिक कांच की बोतल आदि कबाड़ को आसपास के क्षेत्र से बिन कर उसे एकत्रित कर स्थानीय क्षेत्र के स्क्रैप दुकानदार तक आसानी से पहुंचा रहे हैं । जिसको लेकर स्क्रैप दुकानदार ने बच्चों को बाकायदा समझाया सिखाया गया है कि किसी को जानकारी मत देना कि तुम लोग यहां पर हमें स्क्रैप देने यहां आते हो ।
स्थानियों ने भी आरोप लगाया की घर और दुकान के बाहर रखी गई समान या पड़ा हुआ सामान अक्सर गायब हो जाता है जरूरत पड़ने पर खोजबीन करने पर नहीं मिलता जब से इस क्षेत्र में स्क्रैप की दुकान खुला है तब से या सिलसिला चल रहा है । क्षेत्र के बच्चे खेल खेल में ही पैसों की लालच में आकर स्क्रैप खरीद फरोख्त के नेटवर्क से जुड़ जा रहे हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है हालांकि इसे बच्चों की नादानी समझ कर लोग अब तक नजर अंदाज करते आ है जो भविष्य में बड़े अपराध को भी जन्म दे सकता है ।बच्चे पढ़ाई की जगह कबाड़ी बिनने व बेचने में लग जा रहे हैं बच्चों के भविष्य को लेकर स्थानीय लोगों चिंतित है स्क्रैप दुकान को ग्रामीण इलाके से हटाए जाने की मांग लोगों ने की ।


























