शक्तिनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनता को सुगम और सुरक्षित यातायात देने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन सोनभद्र जिले का अनपरा-शक्तिनगर मुख्य मार्ग आज विकास के दावों की पोल खोल रहा है। यह सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि सीधे मौत के मुंह में जाने का रास्ता’ बन चुकी है। जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों और प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह मार्ग आए दिन अनगिनत हादसों और मौतों का गवाह बन रहा है, जबकि इस संकट की घड़ी में जनता खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण और फोर लेन निर्माण के लिए शासन से भारी-भरकम बजट स्वीकृत हुआ था। इसका ठेका गाबर कंपनी को मिला तथा स्थानीय विधायक व मंत्री संजीव गौड़ द्वारा विधिविधान से पूजन कर कार्य का शुभारंभ भी कराया गया था।
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सिस्टम की कलई खोल दी। ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिकारियों की मिलीभगत से सड़क और नालियों का निर्माण अधूरा ही छोड़ दिया गया और कार्य बीच में ही बंद कर फरार हो गए।
फंड रिलीज पर सवाल ताज्जुब की बात यह है कि बिना काम पूरा हुए ही विभाग द्वारा ठेकेदार को पूरा भुगतान भी कर दिया गया, जिससे जिम्मेदारों की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
इस जर्जर मार्ग से रोजाना हजारों गाड़ियां, भारी वाहन और सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चों से भरी स्कूल बसें भी गुजरती हैं। गड्ढों और कीचड़ से भरी इस सड़क पर वाहन आए दिन फंसते रहते हैं। रोजाना होने वाले सड़क हादसों में लोगों की जानें जा रही हैं, और पुलिस थानों की फाइलें इन दुर्घटनाओं के आंकड़ों से भरी पड़ी हैं, लेकिन मौतों का यह ग्राफ जिम्मेदारों को जगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि अब सत्ताधारी दल के भीतर से ही बगावती सुर उठने लगे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष शक्तिनगर देवेंद्र गुप्ता का इस बदहाली पर कड़ा गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकालते हुए आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, जनता के हित से जुड़ा उनका यह शिकायती पत्र अधिकारियों की मिलीभगत से फाइलों में दबाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
एक तरफ जहां क्षेत्र की जनता बदहाल सड़क और हादसों के बीच अपनी बेबसी पर आंसू बहाने को मजबूर है, वहीं राजनीतिक गलियारों से भी निराशाजनक तस्वीरें सामने आ रही हैं। दुद्धी विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले सपा विधायक विजय सिंह गोंड के निधन के बाद से यह विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में विधायक विहीन हो चुका है। जनता की इस गंभीर समस्या पर विपक्ष की भूमिका भी पूरी तरह नदारद नजर आ रही है, जिससे आम जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है।
सवाल यह है कि क्या शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद सोनभद्र में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी या और अधिक मौतों का इंतजार कर रहे हैं?
विकास कागजों पर दौड़ रहा है और जनता जमीन पर गड्ढों में दम तोड़ रही है। अब देखना यह होगा कि क्या शासन स्तर से कोई बड़ी गाज इन लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों पर गिरती है, या फिर यह मुख्य मार्ग यूं ही अनगिनत जिंदगियों को लीलता रहेगा।







